दसियों सालसे हम बेबस है हम अपनी आखो के सामने हमारे लोगो को बढ़ में तबाह हो रहे हाय, ओर हम लचर व बेबस की तरह देख रहे हये , शाशन प्रशाशन हमारे दुखों को समझने की जगह हमे इस समस्या से छुटकारा दिलाने के नाम पर अरबो का खेल खेल जहा हाय ,अब हमें जागना होगा अपने लिए नहीं तो अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए
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